ग्वालियर।बहोड़ापुर स्थित 24 बीघा गालव नगर में आयोजित संगीतमय भागवत कथा में पहले दिन सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं.घनश्याम शास्त्री जी महाराज ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने कल्याण के लिए स्वयं ही उत्तरदायी है। व्यक्ति को चाहिए कि वह स्वयं को पहचान कर अपने कल्याण का मार्ग चुने।
शास्त्री जी ने आगे कहा कि सनातन धर्म का संरक्षण और उसकी रक्षा करना हर हिंदू का परम धर्म है। सनातन धर्म, जिसमें आदिकाल से ही मानवता, प्रेम और करुणा का पाठ पढ़ाया गया है, का पालन और रक्षा करना हमारा कर्तव्य है
महाराज जी ने कहा कि यदि धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने की आवश्यकता हो, तो इसे भी हंसते-हंसते स्वीकार करना चाहिए। क्योंकि हमारे पूर्वजों ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, और यही मार्ग हमें भी दिखाता है कि धर्म की रक्षा के लिए हम किसी भी प्रकार के त्याग के लिए तैयार रहें इस अवसर पर कथा परीक्षित वर्षा मुनेश श्रीवास्तव, विनोद भार्गव, जिला महामंत्री भावना जालौन मुरैना,हरिओम शर्मा ने भागवत जी की आरती की।
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