ग्वालियर / बहोड़ापुर24 बीघा गालव नगर में आयोजित संगीतमय भागवत कथा में दूसरे दिन की कथा के दौरान सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित घनश्याम शास्त्री महाराज ने भक्तों को बताया कि मानव जीवन का प्रमुख उद्देश्य भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास होना चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को विनम्रता अपनानी चाहिए, क्योंकि विनम्रता से ही भगवान और संतों की कृपा प्राप्त होती है।
उन्होंने समझाया कि सच्चे सुख की प्राप्ति के लिए मानव को संतों की सेवा करनी चाहिए। संतों की सेवा करने से न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि यह भगवान की कृपा प्राप्त करने का भी श्रेष्ठ मार्ग है। जब कोई व्यक्ति निस्वार्थ भाव से भगवान और संतों की सेवा करता है, तो उसे अंततः मुक्ति की प्राप्ति होती है, जो जीवन का परम लक्ष्य है।
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